मेरे जान के टुकड़े
मेरे प्यारे लाडले
देखूं तुझे तो दिखता अपना बचपन
लेकिन तेरी आदतों में है कितना पागलपन
जब तू मुस्कुराता है
दिल पे ठंडक छा जाती है
तेरी आँखों में आंसू
मेरे दिल को चीरती है
कोशिश कितना भी करूं
आदत मेरी बदल न सका हूँ
मन में आती है यादें तेरी
सामने दिखता है चेहरा तेरा

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